Rajasthan Desi Shayari
एक भरोसो ही होया करै है सजणा,
नी जणा लाखों रुपयों रो सामान
एक सौ रुपयां रे ताळे भरोसे कूण मेल जावे..!!
घणो मुंगो हूवे भाया जिंदगी रो
किरदार टैम टैम माथे सगळा रा मोल बढ़ जावे..!!
थारी ऐक मुळकाहट सु ठीक जावे तबियत म्हारी,
प्रेम करो हो या इलाज ...!!
पेट तौ भर ळैवां,
तूं दाता जिनगी में खुशियाँ भर दै ।
नसीब में सफळता तौ कांइ ठा है के कौनी,
पर हिया अर दिमाग में गतब कौनी ॥
Rajasthani Marwari Shayari
ये जो "मारवाड़" की हवा है,
ये भी एक दवा है ।।
जिदगी म्हैं कुण आयो,
कुण गियो इण बात स्यूं फरक कोनी पड़े,
फरक ई बात स्यूं पड़े के हर माड़े टैम सागे कुण ऊबो हो..!!
प्रेम रे बदळै प्रेम तो हर कोई दे सके,
पण जका नफरत रे बदळै प्रेम देवे बे ही महान हूवे..!!
में तौ मनुवार का भुखा हां
भाईजी कौई के 'हक' का भुखा कौनी हां ॥
ओ इण्डिया है जनाब इण देश में बापूरी,
इज्जत बेटियां हंभाळे है अर सम्पत्ति बेटा.!
Marwari Shayari
अब बे लोग लुकता माफिरसी...
जका केवता कि दियाळी बाद रिप्या देस्या..
रात रा 2 बजी तक धापूड़ी सु बात करने सु
लाख गुणो चोखो है के सुबह 4 बजी उठर
आपरा सपना वास्ते मेहनत कर...!!
रिश्तों निभाणो हर कोई रे बस री बात कोनी,
भाया अपणो ही काळजे माथे भाठो,
मेलणो पडे कोई री खुशी रे हारु..!!
तपती धरती ढळतो सूरज हिवडे में है मरूगीत,
बाटां जोवे गोरी री नजरा कद आवे म्हारे परदेसी प्रीत.!!
छोटी छोटी बातां धंधा मैं ध्यान राख्नैं कि हुवे,
परिवार मैं नीं ॥
तलवार के घाव मिट जाते हैं !!
लेकिन बातों के घाव हमेशा याद रहते हैं !!
ज़िन्दगी में रिश्ता अर रास्ता बि दिन पुरा हू ज्यावै,
जी दिन हियौ रुक ज्यावै ॥
रूंख लगावां मौकळा,
सगळा आपोआप हरै रंग री चूंदड़ी,
हरै धरा रो ताप ।।
नित चौखी राखौ,
कपड़ा तौ मेळा इ चाळ ज्यासी ।
इयां हाल चाल पूछ बा वाला घणा है,
बस कमीं तो काळजा कि बात पूछ बा वाला कि है ॥
Best Marwari Shayari
बो बचपण में क़ेवता हा नि,
के चोखा टाबर 'चाय' कोनी पीवे बस आपा जद सु बुरा हा..!!!!
दिन पछै रात, रात पछै दिन तूं म्हारा प्रेम में,
कद हूसी ळीन ॥
कांटो पग कै ळागै के नीं ळागै उठा र दुज़ी और भगा दैउं हूं,
पण कोई कौ फायदों उठा र,
में स्वार्थ कि साँस कौनी ळैउं हूं ॥
माँ
कियां भूलूं तिवाडी बे दिन बालपणां रा ।
मां मनवारां करती ही म्हैं करता ठुणकारा।
जिंदगी म घणा ही पाप करया
पण कदी मेसेंजर पर छोरी कनु वाट्सअप नंबर कोनि माँग्या
Best Rajasthani Quotes
आपां नें तौ आपां बौला कांइ हां,
बा शब्दा की परख करनी जरूरी है
आपां दिखबा में किंयान हां,
बा बात तौ लौगा नें करनी जरूरी है।
नियत साफ है तो एक लौटो पाणी ही घणोई है,
निजणा ५६ भोग ही की कामरा कोनी. !!
हाथ थाली मैं धोना, परात मैं नइ ।
आपणा कै सागै बैठणौ, सामीं नइ ॥
संकट मै हाजिर सदा,
काटै कष्ट तमाम देशाणै मै दैवरो,
करणी ज्यां रो नाम ॥
कदर हमेंशा थांकै किरदार कि हूवै,
कद में मौटी तौ मिनख री छियां भी हूवै ॥

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